Day 30: प्रकृति, विभूति और निष्काम शान्ति | हर हर गीता, हर घर गीता! Daily 5 Shlok Series
आज के 5 श्लोक: अर्जुन का संकल्प— “दुर्बुद्धि धार्तराष्ट्र के हितचाहक योद्धाओं को देखूँ” (1.23) “मैं युद्ध नहीं करूँगा” —अहंकार-जन्य मिथ्या निश्चय, प्रकृति फिर भी युद्ध में लगाती है (18.59) जो भी विभूति, श्री, शक्ति दिखे—उसे मेरे तेज के अंश की अभिव्यक्ति जानो (10.41) बृहत्साम, गायत्री, मार्गशीर्ष, वसन्त —मेरी ही विशिष्ट अभिव्यक्तियाँ (10.35) युक्त कर्मयोगी फल त्यागकर नैष्ठिकी शान्ति पाए; अयुक्त फलासक्ति से बँधे (5.12) 🌐 Ramshalaka : https://www.jagatpushpa.co.in/ramshalaka 🌐 Mood-based Geeta Shlok : https://www.jagatpushpa.co.in/Moodbasedshlok CTA: कमेंट में लिखिए—“आज का मेरा श्लोक = (1.23/18.59/10.41/10.35/5.12)” और “आज मैं किस ‘फल’ को छोड़कर केवल कर्तव्यभाव से काम करूँगा/करूँगी?” #HarHarGeeta #HarGharGeeta #Daily5Shlok #BhagavadGita #VibhutiYoga #Karmayog #Day30