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Day 21: कर्मयोग श्रेष्ठ (5.2) | हर हर गीता, हर घर गीता! Daily 5 Shlok Series

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  आज के 5 श्लोक: तत्त्ववित सांख्ययोगी  भी देखते-सुनते-स्पर्श करते हुए “मैं कुछ नहीं करता” ऐसा मानता है (5.8) ​ बिना श्रद्धा का कोई कर्म, दान या तप असत् —न यहाँ फल, न परलोक में (17.28) ​ मुझ पुरुषोत्तम को तत्त्व से जानने वाला  सब भाव से भक्ति करता है (15.19) ​ कर्मयोग संन्यास से श्रेष्ठ —दोनों कल्याणकारी, पर कर्मयोग साधन में सुगम (5.2) ​ काम धूम, मैल, जेर की तरह ज्ञान को ढक लेता है  (3.38) ​ 🌐 Ramshalaka :  https://www.jagatpushpa.co.in/ramshalaka 🌐 Mood-based Geeta Shlok :  https://www.jagatpushpa.co.in/Moodbasedshlok CTA: कमेंट में लिखिए: “आज का मेरा श्लोक = (5.8/17.28/15.19/5.2/3.38)” और “आज मैं किस काम में ‘श्रद्धा + कर्मयोग’ का अभ्यास करूँगा/करूँगी?” #HarHarGeeta #HarGharGeeta #Daily5Shlok #BhagavadGita #Karmayoga #Shraddha #Day21

21 February 2026 राशिफल पंचांग | आज का पंचांग आज का राशिफल फाल्गुन शुक्ल चतुर्थी रेवती नक्षत्र शुभ योग #AajKaRashifal #AajKaPanchang

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21 February 2026 राशिफल पंचांग आज का पंचांग आज का राशिफल। फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष की   चतुर्थी , शनिवार। तिथि   चतुर्थी   13:00:20 तक, फिर पंचमी। नक्षत्र   रेवती   19:06:11 तक। योग   शुभ   15:50:04 तक। करण   विष्टि/भद्रा   13:00:20 तक, फिर   बव   24:06:18 तक। चंद्र   मीन   में 19:06:11 तक, उसके बाद   मेष   में प्रवेश; सूर्य   कुंभ   में; लग्न   मकर । सुबह भद्रा के कारण नए शुभ काम टालें, लेकिन 13:00 के बाद समय खुलता है; रेवती नक्षत्र यात्रा, प्रोटेक्शन और नए रास्ते पर आगे बढ़ने का संकेत देता है। Tags 21 February 2026 राशिफल पंचांग आज का पंचांग आज का राशिफल फाल्गुन शुक्ल चतुर्थी रेवती नक्षत्र शुभ योग शनिवार राशिफल #AajKaRashifal #AajKaPanchang

Day 20: परा प्रकृति, यज्ञ और ‘सब कुछ वही’ (7.5, 9.16) | हर हर गीता, हर घर गीता! Daily 5 Shlok Series

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  आज के 5 श्लोक में तीन मुख्य सूत्र जुड़ते हैं: अपरा जड़ प्रकृति के बाद भगवान की  जीवरूप परा (चेतन) प्रकृति  (7.5) ​ अलग‑अलग प्रकार के यज्ञ—देव यज्ञ से लेकर ब्रह्माग्नि में आत्मयज्ञ तक (4.25) ​ यज्ञ के माध्यम से  देव और मनुष्य—परस्पर उन्नति  का सिद्धान्त (3.11) ​ अर्जुन का पूर्ण समर्पण—“आप जो कहते हैं, सब सत्य है; आपके लीलामय स्वरूप को देव‑दानव भी नहीं जानते” (10.14) ​ भगवान का उद्घोष—“क्रतु, यज्ञ, स्वधा, औषधि, मन्त्र, घृत, अग्नि, हवन—सब मैं ही हूँ” (9.16) ​ 🌐 Ramshalaka :  https://www.jagatpushpa.co.in/ramshalaka 🌐 Mood-based Geeta Shlok :  https://www.jagatpushpa.co.in/Moodbasedshlok CTA (Description/Pinned): कमेंट में लिखिए— “आज का मेरा श्लोक = (7.5/4.25/3.11/10.14/9.16)” और “आज मैं किस काम/पूजा में ‘भगवान ही कर्ता हैं’ ऐसा भाव रखूँगा/रखूँगी?” #HarHarGeeta #HarGharGeeta #Daily5Shlok #BhagavadGita #Prakriti #Yagya #Bhakti #Day20