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Day 36: मन चञ्चलता से दैवी गुणों तक | हर हर गीता, हर घर गीता! Daily 5 Shlok Series

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  आज के 5 श्लोक: इन्द्रिय विषयों में राग-द्वेष —वे कल्याण मार्ग के महान शत्रु हैं (3.34) अविनाशी तत्त्व —जिससे सारा जगत व्याप्त है, उसी का नाश कोई नहीं कर सकता (2.17) ज्ञानी अज्ञानियों को भ्रमित न करे —स्वयं कर्म करे और करवावे भी (3.26) व्यास प्रसाद से सुना परम गोपनीय योग —कृष्ण से साक्षात् सुना संजय ने (18.75) मन दुर्निग्रह चञ्चल —अभ्यास + वैराग्य से वश में होता है (6.35) 🌐 Ramshalaka :  https://www.jagatpushpa.co.in/ramshalaka 🌐 Mood-based Geeta Shlok :  https://www.jagatpushpa.co.in/Moodbasedshlok CTA: कमेंट में लिखिए—"आज का मेरा श्लोक = (3.34/2.17/3.26/18.75/6.35)" और "आज मैं किस इन्द्रिय विषय में राग-द्वेष को नियंत्रित करने का अभ्यास करूँगा/करूँगी?" #HarHarGeeta #HarGharGeeta #Daily5Shlok #BhagavadGita #ManaChanchalta #DaiviGuna #Day36

08 March 2026 राशिफल पंचांग | आज का पंचांग आज का राशिफल चैत्र कृष्ण पंचमी स्वाति नक्षत्र शूल योग #AajKaPanchang #AajKaRashifal

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08 March 2026 राशिफल पंचांग आज का पंचांग आज का राशिफल। आज   पंचमी ,   कृष्ण पक्ष , मास   चैत्र । तिथि   पंचमी   21:10:29 तक। नक्षत्र   स्वाती   13:30:42 तक। योग   शूल   07:02:48 तक। करण   कौलव   08:10:12 तक, फिर   तैतिल   21:10:29 तक। वार   रविवार । चंद्र   तुला   में, सूर्य   कुंभ   में; लग्न   कुंभ , बुध वक्री   कुंभ , शुक्र व शनि   मीन , मंगल   कुंभ , बृहस्पति   मिथुन , राहु   कुंभ , केतु   सिंह   में दिख रहे हैं। स्वाती नक्षत्र आज स्वतंत्रता, हवा की तरह movement और networking की energy देता है, लेकिन शूल योग सुबह तक जल्दबाज़ी/कटुता से बचने की सलाह देता है। Tags 08 March 2026 राशिफल पंचांग ​ आज का पंचांग ​ आज का राशिफल ​ चैत्र कृष्ण पंचमी ​ स्वाती नक्षत्र ​ शूल योग ​ रविवार राशिफल ​ #AajKaPanchang #AajKaRashifal

Day 35: अन्तकाल स्मरण से परम धाम तक | हर हर गीता, हर घर गीता! Daily 5 Shlok Series

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  आज के 5 श्लोक: अन्तकाल में भगवान का स्मरण —जो देह छोड़ते समय मुझे याद करता है, वह मेरे स्वरूप को पाता है (8.5) दैवी गुण— अहिंसा, सत्य, अक्रोध, त्याग, शान्ति, दया, अलोलुप्त्व  आदि (16.2) अर्जुन की शंका— मन की चञ्चलता के कारण समत्वयोग की स्थिर स्थिति कठिन लगती है  (6.33) ​ अव्यक्त अक्षर परम गति —जिसे पाकर लौटना नहीं पड़ता, वही मेरा परम धाम है (8.21) प्राणायाम यज्ञ —प्राण को अपान में, अपान को प्राण में अर्पित करना (4.29) ​ 🌐 Ramshalaka :  https://www.jagatpushpa.co.in/ramshalaka 🌐 Mood-based Geeta Shlok :  https://www.jagatpushpa.co.in/Moodbasedshlok CTA: कमेंट में लिखिए—“आज का मेरा श्लोक = (8.5/16.2/6.33/8.21/4.29)” और “आज मैं किस अभ्यास से ‘स्मरण + शान्ति + दैवी गुण’ को बढ़ाऊँगा/बढ़ाऊँगी?” ​ #HarHarGeeta #HarGharGeeta #Daily5Shlok #BhagavadGita #AntakaalSmaran #DaiviSampad #Day35