Day 24: दैवी गुणों की शुरुआत (16.01) | हर हर गीता, हर घर गीता! Daily 5 Shlok Series
आज के 5 श्लोक: दैवी सम्पदा की शुरुआत— अभय, सत्त्वशुद्धि, ज्ञानयोग में दृढ़ता, दान, दम, यज्ञ, स्वाध्याय, तप, आर्जव (16.01) जो मेरी विभूति और योग-शक्ति को तत्त्व से जानता है, वह अविकम्प (अडिग) भक्ति-योग से युक्त होता है (10.07) कर्म-सिद्धि के 5 कारण— अधिष्ठान, कर्ता, करण, विविध चेष्टाएँ, और दैव (पाँचवाँ) (18.14) राजस आहार—कड़वा/खट्टा/लवणयुक्त/अत्युष्ण/तीक्ष्ण/रूक्ष/दाहकारक; जो दुःख-शोक-रोग बढ़ाते हैं (17.09) “धूम-मार्ग” (रात्रि, कृष्णपक्ष, दक्षिणायन)—इस मार्ग से गया सकाम कर्मयोगी चन्द्र-लोक पाकर भोग के बाद लौट आता है (8.25) 🌐 Ramshalaka : https://www.jagatpushpa.co.in/ramshalaka 🌐 Mood-based Geeta Shlok : https://www.jagatpushpa.co.in/Moodbasedshlok CTA: कमेंट में लिखिए—“आज का मेरा श्लोक = (16.01/10.07/18.14/17.09/8.25)” और “आज मैं कौन‑सा 1 दैवी गुण चुनूँगा/चुनूँगी—अभय, दान, दम, स्वाध्याय, तप, या आर्जव?” #HarHarGeeta #HarGharGeeta #Daily5Shlok #BhagavadGita #DaiviSampada #BhaktiYoga #Karma #Day24