Day 110 | 5 Shlok Per Day | क्रोध, यज्ञ की शुद्धता, वर्ण-स्वभाव और योग का संतुलन
आज के 5 श्लोक बताते हैं कि क्रोध बुद्धि को गिरा देता है, राजस यज्ञ फल और दम्भ के लिए किया जाता है, स्वभावज कर्मों में वर्ण-व्यवस्था दिखाई देती है, ज्ञान-चक्षु ही तत्त्व को देख सकते हैं, और योग अति-भोजन या अति-उपवास दोनों से नहीं सिद्ध होता। 2.63 क्रोध से बुद्धिनाश तक की पूरी गिरावट दिखाता है, जबकि 6.16 योग में संतुलन का नियम देता है। Description Day 110 में हर हर गीता, हर घर गीता mission के साथ सुनिए: क्रोध से मोह, स्मृति-भ्रम और बुद्धिनाश (2.63), दम्भ और फल-इच्छा से किया गया राजस यज्ञ (17.12), वैश्य और शूद्र के स्वभावज कर्म (18.44), ज्ञानचक्षु से ही शरीर में गुणों के खेल को समझना (15.10), और योग के लिए संतुलित आहार-विहार का नियम (6.16)। यह episode Jagat Ka Saar को self-control, clarity, duty और moderation के साथ जोड़ता है। वीडियो शुरू करने से पहले: Channel को Subscribe कर लीजिए। Video को Like कर दीजिए। इसे Share कीजिए ताकि हर घर गीता का mission आगे बढ़े। Comment में लिखिए: “मेरा श्लोक = ” और: “आज का Jagat Ka Saar = ” Tags #Day110 #5ShlokPerDay #BhagavadGita #गीता #क्रोध #योग #रा...