Day 26: भगवान के 5 रूप | हर हर गीता, हर घर गीता! Daily 5 Shlok Series
आज के 5 श्लोक: भगवान द्यूत छल, तेज, जय, व्यवसाय, सत्त्व में स्वयं हैं (10.36) पराभक्ति से तत्त्वज्ञान → मुझमें प्रविष्टि (18.55) ध्यान योग— स्पर्श त्याग, भ्रुवीमध्यम दृष्टि, प्राणापान सम (5.27) मैं सबमें सम , भक्तों में प्रत्यक्ष प्रकट (9.29) निश्चय बुद्धि एक , सकाम बुद्धि अनन्त भेद वाली (2.41) 🌐 Ramshalaka : https://www.jagatpushpa.co.in/ramshalaka 🌐 Mood-based Geeta Shlok : https://www.jagatpushpa.co.in/Moodbasedshlok CTA: कमेंट में लिखिए—“आज का मेरा श्लोक = (10.36/18.55/5.27/9.29/2.41)” और “आज मैं किस काम में ‘निश्चय बुद्धि’ का अभ्यास करूँगा/करूँगी?” #HarHarGeeta #HarGharGeeta #Daily5Shlok #BhagavadGita #VibhutiYoga #NishchayBuddhi #Day26