Day 37: यज्ञ-मार्ग से एकत्व भक्ति तक | हर हर गीता, हर घर गीता! Daily 5 Shlok Series
आज के 5 श्लोक: द्रव्ययज्ञ, तपोयज्ञ, योगयज्ञ —स्वाध्याय-ज्ञानयज्ञ करने वाले संशितव्रत यतयः (4.28) सर्वभूतस्थित भगवान को एकत्व से भजने वाला —सब प्रकार से मुझमें ही वर्तता है (6.31) योग दुःखसंयोगवियोग —धैर्य-उत्साह से निश्चयपूर्वक करना कर्तव्य (6.23) सगुण भक्त vs निर्गुण उपासक —दोनों में श्रेष्ठ योगवेत्ता कौन? (12.1) पांडव शंखनाद —भयानक घोष से धार्तराष्ट्रों के हृदय विदीर्ण (1.19) 🌐 Ramshalaka : https://www.jagatpushpa.co.in/ramshalaka 🌐 Mood-based Geeta Shlok : https://www.jagatpushpa.co.in/Moodbasedshlok CTA: कमेंट में लिखिए—"आज का मेरा श्लोक = (4.28/6.31/6.23/12.1/1.19)" और "आज मैं किस यज्ञ/भक्ति को अपना 'संशितव्रत' बनाऊँगा/बनाऊँगी?" #HarHarGeeta #HarGharGeeta #Daily5Shlok #BhagavadGita #YajnaYoga #EkatvaBhakti #Day37