Day 25: कुलनाश का भय (1.39) | हर हर गीता, हर घर गीता! Daily 5 Shlok Series
आज के 5 श्लोक:
अर्जुन का प्रश्न—“कुलक्षय दोष को जानते हुए हम पाप से क्यों न हटें?” (1.39)
जैसी शरण/भक्ति, वैसा उत्तर—मैं भी उसी प्रकार भजता हूँ (4.11)
दैवी गुण—वैराग्य, अनहंकार, जन्म‑मृत्यु‑जरा‑व्याधि पर विचार (13.8)
लोक-व्यवस्था के लिए कर्म—मैं कर्म न करूँ तो लोक नष्ट होंगे (3.24)
काम‑क्रोध रहित, यतचित्त ज्ञानी के लिए ब्रह्मनिर्वाण परिपूर्ण है (5.26)
🌐 Ramshalaka : https://www.jagatpushpa.co.in/ramshalaka
🌐 Mood-based Geeta Shlok : https://www.jagatpushpa.co.in/Moodbasedshlok
CTA:
कमेंट में लिखिए—“आज का मेरा श्लोक = (1.39/4.11/13.8/3.24/5.26)”
और “आज मैं किस काम में ‘अनहंकार + वैराग्य’ का अभ्यास करूँगा/करूँगी?”
#HarHarGeeta #HarGharGeeta #Daily5Shlok #BhagavadGita #DaiviGuna #Anahankar #Day25
Comments
Post a Comment