Day 80 Script | श्रद्धा, इन्द्रिय-संयम, सत्त्व से ऊपर उठना और सगुण भक्ति
आज के श्लोक साधना की एक स्पष्ट ladder दिखाते हैं—श्रद्धा से ज्ञान, काम-दम्भ-मद से पतन, वेदों के त्रैगुण्य-सीमित स्वरूप से ऊपर उठना, और सगुण भगवान में एकाग्र भक्ति। 4.39, 16.10, 2.45 और 12.2 मिलकर बताते हैं कि कैसे साधक ज्ञान, वैराग्य और भक्ति के साथ परम शान्ति तक पहुँचता है।
Description
Day 80 में आप सुनेंगे कि श्रद्धावान और संयतेन्द्रिय साधक ज्ञान प्राप्त करके परम शान्ति पाता है, जबकि दम्भ, मान, मद और दुष्पूर कामना वाले लोग भ्रष्ट आचरण में गिरते हैं। 2.45 में भगवान अर्जुन को त्रैगुण्य से ऊपर उठने का निर्देश देते हैं, और 12.2 में मयि-एकाग्र, श्रद्धापूर्ण भक्ति को योगियों में सर्वोत्तम कहा गया है।
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