Day 109 | 5 Shlok Per Day | पापक्षय, परम ज्ञान, प्रकृति-पुरुष और सात्त्विक आहार


 

आज के 5 श्लोक बताते हैं कि जिनका पाप क्षीण हो गया है वे दृढ़ व्रत से भगवान को भजते हैं, भगवान अर्जुन को परम रहस्यमय वचन सुनाते हैं, प्रकृति कर्म-करण की हेतु है और पुरुष भोक्तापन का, और सात्त्विक आहार आयु-बुद्धि-बल को बढ़ाता है। 7.28 और 14.1 मिलकर भक्ति और ज्ञान की उच्च भूमि दिखाते हैं।

Description

Day 109 में हर हर गीता, हर घर गीता mission के साथ सुनिए: पापक्षय के बाद दृढ़निश्चयी भक्ति (7.28), प्रेमपूर्वक दिया गया परम रहस्य (10.1), प्रकृति और पुरुष के कार्य-भोक्ता-भेद (13.20), ज्ञानों में सर्वोत्तम परम ज्ञान (14.1), और सात्त्विक आहार की पोषण-शक्ति (17.8)। यह episode Jagat Ka Saar को purity, revelation, discrimination और nourishment के साथ जोड़ता है।

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