Day 132 | 5 Shlok Per Day | विराट दर्शन, पुरातन योग, अर्जुन का विषाद, और काम-क्रोध-विजय
आज के 5 श्लोक विराट रूप में समस्त जगत का एकत्र दर्शन, कृष्ण के पुरातन योग का रहस्य, शोकग्रस्त अर्जुन का अस्त्र-त्याग, भगवान की प्रेरणा से युद्ध-उत्साह, और काम-क्रोध की तरंगों को सहने वाले योगी की सफलता को साथ रखते हैं। 11.13 और 11.34 विराटता व संकल्प की शक्ति दिखाते हैं, जबकि 5.23 साधना की असली कसौटी बताता है।
Description
Day 132 में हर हर गीता, हर घर गीता mission के साथ सुनिए: देवदेव श्रीकृष्ण के शरीर में समस्त जगत का अनेकधा एकस्थ दर्शन (11.13), अर्जुन के लिए भगवान द्वारा बताए गए पुरातन योग का उत्तम रहस्य (4.3), रणभूमि में शोकग्रस्त अर्जुन का धनुष-बाण त्यागकर बैठ जाना (1.47), श्रीकृष्ण की प्रेरणा से द्रोण, भीष्म, जयद्रथ, कर्ण आदि पर विजय का आश्वासन (11.34), और मनुष्यजीवन में काम-क्रोध के वेग को सहन करने वाला ही सच्चा योगी एवं सुखी पुरुष होना (5.23)। यह episode Jagat Ka Saar को revelation, surrender, courage, and self-mastery के साथ जोड़ता है.
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