अध्याय 16 श्लोक 8 | भगवद गीता हिंदी | गीता का सार | असत्य जगत, अनीश्वर, कामहैतुकम #jagatkasaar




Comments

Popular posts from this blog

Day 71: दिव्य दृष्टि, देहान्तरण और योगारूढ़ शांति | हर हर गीता, हर घर गीता! Daily 5 Shlok Series

Day 68: सर्वत्र दर्शन, संतुष्ट भक्त और पुरुषोत्तम-शरण | हर हर गीता, हर घर गीता! Daily 5 Shlok Series