Day 22: आसुरी स्वभाव vs निष्काम कर्म (16.7, 3.19) | हर हर गीता, हर घर गीता! Daily 5 Shlok Series



 आज के 5 श्लोक:

  1. आसुरी स्वभाव वाले प्रवृत्ति-निवृत्ति नहीं जानते, उनमें न शौच, न आचार, न सत्य (16.7)

  2. निरन्तर निष्काम कर्म से परम पद प्राप्ति—आसक्ति रहित होकर कर्तव्य करो (3.19)

  3. प्रेमी भक्तों का शीघ्र उद्धार—मृत्यु-संसार सागर से निकाल लूँगा (12.7)

  4. दैवी गुणमयी माया दुस्तर, पर जो केवल मुझे भजते हैं वे पार हो जाते हैं (7.14)

  5. मेरे-तेरे अनेक जन्म—मैं सब जानता हूँ, तू नहीं जानता (4.5)

🌐 Ramshalaka : https://www.jagatpushpa.co.in/ramshalaka
🌐 Mood-based Geeta Shlok : https://www.jagatpushpa.co.in/Moodbasedshlok

CTA:
कमेंट में लिखिए: “आज का मेरा श्लोक = (16.7/3.19/12.7/7.14/4.5)”
और “आज मैं किस आसक्ति को छोड़कर निष्काम कर्म करूँगा/करूँगी?”

#HarHarGeeta #HarGharGeeta #Daily5Shlok #BhagavadGita #NishkamKarma #AsuriSampat #Day22

Comments