Day 82 Script | मानुष रूप का रहस्य, समदर्शन, ज्ञान-अज्ञान और कृपा का मार्ग
आज के श्लोक भगवान के मानुष रूप को अवजानने वाले मूढ़ों का वर्णन, समदर्शन से परम गति, ज्ञान की परिभाषा, पूर्व संस्कारों से पुनः प्रयास, और भगवान की कृपा से दुर्ग पार करने का रहस्य दिखाते हैं। 9.11 विशेष है—मूढ़ लोग भगवान के अवतार को साधारण मानते हैं।
Description
Day 82 में 9.11 से मानुष रूप के रहस्य, 13.28 से समदर्शन से आत्महिंसा न करना, 13.11 से ज्ञान-अज्ञान की परिभाषा, 6.43 से पूर्व संस्कारों का फल, और 18.58 में भगवान की कृपा से संकट पार। ये श्लोक अवतार, समत्व, ज्ञान और कृपा का पूर्ण चित्रण करते हैं।
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