Day 101 | 5 Shlok Per Day | शंखनाद, कर्मयोग और परमात्मा की सर्वव्यापकता
आज के 5 श्लोक युद्धभूमि के शंखनाद, निष्काम कर्म, और परमात्मा की सर्वव्यापक अनुभूति को जोड़ते हैं। 1.15 में कृष्ण, अर्जुन और भीम के शंखनाद से रणभूमि गूँजती है, जबकि 3.9 और 3.22 कर्म को कर्तव्य और यज्ञ-भाव से जोड़ते हैं।
Description
Day 101 में हर हर गीता, हर घर गीता mission के साथ सुनिए: पाञ्चजन्य, देवदत्त और पौण्ड्र शंखों का दिव्य नाद (1.15), शस्त्ररहित अर्जुन के लिए भी क्षेम की भावना (1.46), तीनों लोकों में श्रीकृष्ण का कर्मरत रहना (3.22), यज्ञार्थ कर्म और कर्मबन्धन से मुक्ति (3.9), और अविभक्त होकर भी भूतों में विभक्त-सा प्रतीत होने वाला परमात्मा (13.16)। यह episode Jagat Ka Saar को action, surrender और divine presence के साथ जोड़ता है।
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