Day 99 | 5 Shlok Per Day | वीरता, अन्तकाल स्मरण, विराट दर्शन और तत्त्वज्ञान
आज के 5 श्लोक युद्धभूमि की वीरता, अन्तकाल की साधना, विराट रूप का भय, परमात्मा की निष्क्रियता, और तामस ज्ञान की सीमा—इन सबको एक साथ रखते हैं। 1.4 में दुर्योधन अपनी सेना के महत्त्वपूर्ण वीरों को गिनाता है, और 8.10 अन्तिम क्षण में भक्तिपूर्ण स्मरण से परम पुरुष की प्राप्ति का मार्ग बताता है।
Description
Day 99 में हर हर गीता, हर घर गीता mission के साथ सुनिए: भीम-अर्जुन समान महारथियों का वर्णन (1.4), अन्तकाल में भृकुटी-मध्य में प्राण स्थापित करके परम पुरुष को प्राप्त होना (8.10), विराट रूप का भयानक प्रभाव (11.23), शरीरस्थ होने पर भी परमात्मा का अकर्ता और अलिप्त होना (13.31), और एक ही कार्य में आसक्त, तत्त्वज्ञान से रहित तामस ज्ञान (18.22)। यह episode Jagat Ka Saar को courage, remembrance, detachment और clarity के साथ जोड़ता है।
वीडियो शुरू करने से पहले:
Channel को Subscribe कर लीजिए।
Video को Like कर दीजिए।
इसे Share कीजिए ताकि हर घर गीता का mission आगे बढ़े।
Comment में लिखिए: “मेरा श्लोक = ”
और: “आज का Jagat Ka Saar = ”
Tags
#Day99 #5ShlokPerDay #BhagavadGita #गीता #अन्तकालस्मरण #विराटरूप #तत्त्वज्ञान #हरहरगीता #हरघरगीता #जगतकासार #GitaInHindi
Comments
Post a Comment